Tuesday, December 7, 2010

इंसान जो चाहता है, उसे वह नहीं मिलता है, क्यों ?

ज़िन्दगी एक ऐसे पहली है, जिसको बुझना मुश्किल है, ज़िन्दगी है तो हसरत है, हसरत है तो ज़िन्दगी है ! जीने के लिए मरना जरूरी है, मरने के  लिए जीना जरूरी है ! इस मरते हुवे जीने और जीते हुवे  मरने में ही जीवन का रहस्य छुपा  हुआ  है ! आप नहीं जानते हो की उस ऊपर  वाले ने आप के  लिए क्या सोच रखा है, आप हमेशा सोचेते हो की अगर ऐसा हो जाये तो  अच्छा रहेगा, वैसा हो जाये तो अच्छा रहेगा, पर आप के लिए क्या अच्छा है यह सिर्फ वह ऊपर वाला जनता है ! इसलिए  जब इंसान जो चाहता है, उसे वह नहीं मिलता है !

तो सिर्फ उस ऊपर वाले पर भरोसा रखो और जीते चलो, बिना किसी सोच के, पूर्वाग्रह के, अपेक्षा के, आकांशा के, क्योकि जो आप के लिए अच्छा है वही आप के साथ हो रहा है, उस ईश्वर की मर्जी से, आज यह खराब लग रहा है पर बाद मे समझ मे आ जायेगा की यह ख़राब ही हमारे लिए अच्छा था ! उसी  तरह जिस तरह माँ-बाप की डांट/सिख  बचपन में बुरी लगती थी, पर आज उसी तरह की डांट / सिख हम अपने बच्चो  को दे रहे है !

मेरा व्यक्तिगत अनुभव भी यही कहता है ! तो आखरी में मे लिखना चाहता  हू !

Life is Good